कविता · Reading time: 1 minute

मॉर्निंग वॉक..

1….कलियाँ फूल पत्ते झुकी डालियाँ और बहती शीतल हवायें
सुबह सुबह की चहल कदमी में मिलती ये सेहत की दवायें

2
मॉर्निंग वॉक करके मैं तो मीत आया हूँ
जैसे सूरज को ही आज जीत आया हूँ

3.

सुबह सुबह की चहल कदमी ही लगने लगी अब कारगार
सेहत को तंदरुस्त रखने का इससे नही कोई उपाय धारदार

“दिनेश”

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