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मै नेता हूँ ।

Vindhya Prakash Mishra

Vindhya Prakash Mishra

कविता

August 13, 2017

मै नेता हूँ ।
लोगों को बेवकूफ बनाकर वोट लेता हूँ ।
मै नेता हूँ ।
अपराधी का मै साथी पर कानून बनाता हूँ ।
मै नेता हूँ ।
कितने अधर्म करें दिन रात पर अच्छा भाषण देता हूँ ।
मैं नेता हूँ ।
चुनते हैं मुझको मुखिया सा ,मै चुन चुन कर उनको ठगता हूँ ।
मैं नेता हूँ ।
गुंडे दंगाई अपाधी को संरक्षण , मै ही तो देता हूँ ।
मैं नेता हूँ ।

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Author
Vindhya Prakash Mishra
विन्ध्यप्रकाश मिश्र विप्र साहित्य सृजन में रूचि रखता हूँ । चिंतनशील जीव होने के कारण कुछ न कुछ सृजित करता हूँ । पर वीणापाणि माँ की कृपा दृष्टि के बिना सम्भव नहीं है । एक साधना के रूप में मनन... Read more

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