कविता · Reading time: 1 minute

मैडम! जब आप बताती है……

जब आप पढ़ाती हैं
तो हम खूब पढ़ते हैं
आपके जाने के बाद
हम खूब लड़ते हैं
आपके बताए हुए कंसेप्ट पे
हम खूब हस्ते हैं
जब आप पढ़ाती हैं
तो हम खूब पढ़ते हैं
वो आपका रोज पूछना
हमें अच्छा लगता है
वो आपका रोज कुटना
हमें अच्छा लगता है
मगर इतना ही पड़ाओ
हमें समझ में आए
अरे इतना भी ना कूटो
की कक्षा साफ हो जाए
ये बर्फी वाला कानसेप्ट
हमें अच्छा लगता है
ये आराम करने का
ये अच्छा तरीका है

लेखक – कुंवर नीतीश सिंह
गाजीपुर

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