Skip to content

*** मैं वो शायर नहीं *****

भूरचन्द जयपाल

भूरचन्द जयपाल

कविता

February 16, 2017

मैं वो शायर नहीं हूँ दोस्तों
जो अपने ग़म को
सीने में छुपा कर
शायरी में बयां करता है
दफ़न मुहब्बत कर
दुनियां से बयां करता है
करता नहीं मुहब्बत
मुहब्बत का दम भरत है
जीवन
दुखों का बना कर दरिया
सफ़र
उस दरिया में करता है ।।
. ?मधुप बैरागी

Share this:
Author
भूरचन्द जयपाल
मैं भूरचन्द जयपाल 13.7.2017 स्वैच्छिक सेवानिवृत - प्रधानाचार्य राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कानासर जिला -बीकानेर (राजस्थान) अपने उपनाम - मधुप बैरागी के नाम से विभिन्न विधाओं में स्वरुचि अनुसार लेखन करता हूं, जैसे - गीत,कविता ,ग़ज़ल,मुक्तक ,भजन,आलेख,स्वच्छन्द या छंदमुक्त रचना... Read more
Recommended for you