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मैं वो मजमूं ढूंढता हूं

भूरचन्द जयपाल

भूरचन्द जयपाल

मुक्तक

February 7, 2017

मैं वो मजमूं ढूंढता हूं
जिस पर वो निसार हो
मैं वो राह ढूंढता हूं
जो बेमिसाल हो
मैं ढूंढता हूं उसको जिसकी
नजरें ढूंढती है मुझको ।।
?मधुप बैरागी

Author
भूरचन्द जयपाल
मैं भूरचन्द जयपाल स्वैच्छिक सेवानिवृत - प्रधानाचार्य राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कानासर जिला -बीकानेर (राजस्थान) अपने उपनाम - मधुप बैरागी के नाम से विभिन्न विधाओं में स्वरुचि अनुसार लेखन करता हूं, जैसे - गीत,कविता ,ग़ज़ल,मुक्तक ,भजन,आलेख,स्वच्छन्द या छंदमुक्त रचना आदि... Read more
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