कविता · Reading time: 1 minute

मैं लिखता हु हर फ़साना मोहब्बत के नाम का …….

मैं लिखता हु,हर फ़साना मोहब्बत के नाम का
मैं लिखता हु, हर बात मोहब्बत केे बात का
ये दिल पे चोट खाये ही समझेंगे क्यू की
मैं लिखता हु,खुराफात मोहब्बत के काम का।(अवनीश कुमार)

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