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मैं बादल हूँ

Maneelal Patel मनीभाई

Maneelal Patel मनीभाई

कविता

October 19, 2017

मैं बादल हूं ,तुम मेरी सरिता।
मैं शायर हूं ,तुम मेरी कविता ।
तुम खुदा हो ,सबसे जुदा हो।
तुम मेरे कुरान, तुम्हीं मेरे गीता ।।

तेरी सूरत है ,मेरी आंखों में ।
तेरी सौरभ है ,इन सांसो में ।।
कैसे जी पाऊंगा , मैं तुम बिन,
तेरा जिक्र है सदा,मेरे लबों में ।।

तुम मेरे सहारा, तुम मेरे गुजारा।
हारे बहुत पर, जीवन में तुझे जीता ।।

मैं बादल हूं, तुम मेरी सरिता।
मैं शायर हूं ,तुम मेरी कविता ।

Author
Maneelal Patel मनीभाई
मैंने रोमांटिक मोमेंट पर 1000 गीत लिखे हैं । अब नई कविता, हाईकु और छत्तीसगढ़ी कविता पर अपना मुकाम बनाना चाहता हूँ ।
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