मैं परी, दूत तू आसमानी लगे

मैं परी, दूत तू आसमानी लगे
तेरी मेरी अनोखी कहानी लगे

शूल गम के लगें फूलों की ही तरह
पा तुझे महकी सी जिंदगानी लगे

चल रहे हाथ में हाथ जब डाले हम
आँसुओं की डगर भी सुहानी लगे

चोट मुझको लगे तो तड़पता है तू
प्रीत अपनी मुझे तो रुहानी लगे

खेलती जा रही जुल्फ से ही मेरी
ये हवा भी हुई कुछ दिवानी लगे

प्यार का इक महल, दिल का राजा मिला
‘अर्चना’ मुफलिसी में भी रानी लगे

02-01-2018
डॉ अर्चना गुप्ता
मुरादाबाद

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