23.7k Members 50k Posts

मैं नारी हूँ

मैं नारी हूँ

जग जननी हूँ, जग पालक हूँ
मैं नारी हूँ, न किसी से हारी हूँ
निःशेष लोक जन्मा मेरे उर से
फिर भी मैं ही कोख में मारी हूँ !!
जग जननी हूँ, जग पालक हूँ , मैं नारी हूँ, न किसी से हारी हूँ !!
!
सम्पूर्ण कर्म में रही अग्रणी
न जानू क्यों देवो की दासी हूँ
वज़्र घात से सहती आधात
पर मतत्व की सर्वदा प्यासी हूँ !!
जग जननी हूँ, जग पालक हूँ , मैं नारी हूँ, न किसी से हारी हूँ !!
!
देव भूमि के हवन कुंड में
अनन्त बार गई वारी हूँ
बिठाया पूजा की वेदी पर
अंतत: व्यसन पर उतारी हूँ !!
जग जननी हूँ, जग पालक हूँ , मैं नारी हूँ, न किसी से हारी हूँ !!
!
शिक्षित हुआ समग्र समाज
नही फिर भी ह्रदय धारी हूँ
सिंधुतल से चन्द्रतल तक
नर संग पदचिन्ह उतारी हूँ !!
जग जननी हूँ, जग पालक हूँ , मैं नारी हूँ, न किसी से हारी हूँ !!
!
शिकार हूँ कुटिल मानसिकता का
जन मानष के त्रिस्कार की मारी हूँ
मिटा न पाया कोई मेरा अस्तित्व
रही सर्वदा इस सृष्टि पर भारी हूँ !!
जग जननी हूँ, जग पालक हूँ , मैं नारी हूँ, न किसी से हारी हूँ !!
!
जग जननी हूँ, जग पालक हूँ
मैं नारी हूँ, न किसी से हारी हूँ
निःशेष लोक जन्मा मेरे उर से
फिर भी मैं ही कोख में मारी हूँ !!
जग जननी हूँ, जग पालक हूँ , मैं नारी हूँ, न किसी से हारी हूँ !!
!
!
!
डी. के. निवातिया

*******************

416 Views
डी. के. निवातिया
डी. के. निवातिया
222 Posts · 45.6k Views
नाम: डी. के. निवातिया पिता का नाम : श्री जयप्रकाश जन्म स्थान : मेरठ ,...
You may also like: