23.7k Members 50k Posts

"मैं तो बस किसान हूँ साहब"

न हिन्दू न मुसलमान हूँ साहब,
मैं तो बस किसान हूँ साहब.!
खेत सूखे है बच्चे भूखे है,
ग़मो का मारा इंसान हूँ साहब,,
मैं तो बस किसान हूँ साहब.!
लोग कहते है भारत की शान हो तुम,
पर मैं तो ढलती सूरज सी शाम हूँ साहब,,
मैं तो बस किसान हूँ साहब..!
खेतो मे कटता दिन,धूप मे जलता बदन,
फिर भी कर्ज़ मे डूबा इंसान हूँ साहब,,
मैं तो बस किसान हूँ साहब..!
ये अखबारो की सुर्खिया,खबरे मेरे मौत की,
यही मेरी नई पहचान है साहब,
मैं तो बस किसान हूँ साहब..!

(( ज़ैद बलियावी ))

1 Like · 1 Comment · 286 Views
ज़ैद बलियावी
ज़ैद बलियावी
बेल्थरा रोड, बलिया (उत्तर प्रदेश)
31 Posts · 6.7k Views
तुम्हारी यादो की एक डायरी लिखी है मैंने...! जिसके हर पन्ने पर शायरी लिखी है...