मैं तेरा चाँद हूँ ??गीत

मैं तेरा पतंग हूँ, तू मेरी डोर है
मैं तेरा चाँद हूँ,तू मेरी चकोर है..

तेरे आने से पतझरों में भी मधुमास है
तेरा-मेरा मिलन राधा-किशन का महारास है
मंजुल सावन,झीना यौवन मेरा मन मधुवन है
दिल की शहर में बस तेरे नाम की शोर है …

मैं तेरा पतंग हूँ,तू मेरी डोर है
मैं तेरा चाँद हूँ,तू मेरी चकोर है

धवल चाँदनी हो, सुमधुर रागिनी हो
सारी रात बैठ देखता रहूँ पूनम का चाँद हो
बरखा की बुंदे छम-छम बरस रही है
मधुमय प्यार का मौसम छाया घनघोर है …

मैं तेरा पतंग हूँ, तू मेरी डोर है
मैं तेरा चाँद हूँ,तू मेरी चकोर है

तेरी लाली धानी चुनरी में मेरा है बसेरा
होगी मधुर मिलन खुल्लेआम,नहीं कोई पहरा
आ थह ले मेरी चाहत है सागर वो सनम
इस प्यासी अंखियन को तेरी ही जोग है…

मैं तेरा पतंग हूँ, तू मेरी डोर है
मैं तेरा चाँद हूँ,तू मेरी चकोर है

मेरा दिल ताज़महल तू मेरी मुमताज़ है
सिन्दूरी शाम की तू ही तो मधुर राग है
तू मेरी दुनिया, तू कल्पना के तार है
तू मेरे जीवन पथ का अंतिम छोर है …

मैं तेरा पतंग हूँ, तू मेरी डोर है
मैं तेरा चाँद हूँ,तू मेरी चकोर है

कवि:-दुष्यंत कुमार पटेल”चित्रांश”

1 Comment · 110 Views
Copy link to share
नाम- दुष्यंत कुमार पटेल उपनाम- चित्रांश शिक्षा-बी.सी.ए. ,पी.जी.डी.सी.ए. एम.ए हिंदी साहित्य, आई.एम.एस.आई.डी-सी .एच.एन.ए Pursuing -... View full profile
You may also like: