मैं जलता हुआ चराग़ हूं ...!

मैं जलता हुआ चराग़ हूँ…बुझाया ना करो ।
मेरी हर कमियां तुम कभी बताया ना करो ।
वो क्या समझेंगे मुझे जो खुद को भी ना समझ पाए ,
जिंदगी ऐसी ही होती है इसे कभी जायां ना करो ।
तुम लाख कोशिशे कर लो मुझे गिराने की ,
इंसान हो ना ,तो ऐसे सताया ना करो ।
मैं आजकल अकसर शायद उदास रहता हूं ,
तुम आकर यू मुझे हँसाया ना करो ।
अब तो नींद भी आती नही रात भर ,
मेरी ख़्वाबो में भी इजाजत के बिना आया ना करो ।

✍🏻हसीब अनवर

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