मुक्तक · Reading time: 1 minute

शुभ गगन-सम शांतिरूपी अंश हिंदुस्तान का

तिरंगा बन गया लेकिन लट्ठ गह सद्ज्ञान का |
इसी से ही उच्चता औ विवेकी धन ध्यान का
मिला,फहराया अमन बन,विश्व के कल्याणहित |
शुभ गगन-सम शांतिरूपी अंश हिंदुस्तान का|
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बृजेश कुमार नायक
“जागा हिंदुस्तान चाहिए ” एवं “क्रौंच सुऋषि आलोक” कृतियों के प्रणेता

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