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मैं कभी चाँद पर नहीं आता

Salib Chandiyanvi

Salib Chandiyanvi

गज़ल/गीतिका

August 30, 2016

दिल पे कोई असर नहीं आता
याद तू इस क़दर नहीं आता

रात आती है दिन भी आता है
कोई अपना मगर नहीं आता

चाँद आता है बाम पर अब भी
बस मुझे ही नज़र नहीं आता

सारी दुनिया बदल गई होती
मैं अगर लौट कर नहीं आता

हम नमाज़ें क़ज़ा तो करते हैं
ख़ौफ़ दिल में मगर नहीं आता

मौत शायद इसी को कहते हैं
लौट कर जब बशर नहीं आता

ज़ेर-ए- पा मंज़िलें तो आती हैं
सिर्फ़ अपना ही घर नहीं आता

जब ज़मींपर सुकून मिलजाता
मैं कभी चाँद पर नहीं आता

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Author
Salib Chandiyanvi
मेरा नाम मुहम्मद आरिफ़ ख़ां हैं मैं जिला बुलन्दशहर के ग्राम चन्दियाना का रहने वाला हूं जाॅब के सिलसिले में भटकता हुआ हापुड आ गया और यहीं का होकर रह गया! सही सही याद नहीं पर 18/20की आयु से शायरी... Read more
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