Dec 8, 2016 · शेर

मैं इश्क करने आया हूँ ।

इसारा कर ऐ जिंदगी, मैं कुर्बान होने आया हूँ ।

नफरत भरे दिल में, वफ़ा का तोहफ़ा लाया हूँ ।

भुला सके तो भुला मुझे, मैं गुमराह होने आया हूँ ।

पत्थरों के जमाने में, मैं शीशे का दिल लाया हूँ ।

ये एकतरफा ही सही, मैं इश्क करने आया हूँ ।

एक तेरी ही खातिर मैं, दुनिया छोड़ आया हूँ ।

मैं इश्क करने आया हूँ
मैं इश्क करने आया हूँ

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