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मैंने मन की सुंदरता को देखा है

Dr Archana Gupta

Dr Archana Gupta

गज़ल/गीतिका

October 26, 2016

मैंने मन की सुंदरता को देखा है
सबसे सुंदर अपना प्रियतम लगता है

देखो मुझको प्रिय का कितना प्यार मिला
मेरा गम उसकी आँखों से बहता है

भावों का लहराता जो मन में सागर
चहरे से ही मीत मेरा पढ़ लेता है

समझ न पाई आज तलक मैं तो इतना
जितना मितवा ने इस मन को समझा है

प्यार ‘अर्चना’ है मेरा तीरथ मंदिर
उसमे ही मुझको अपना रब दिखता है

डॉ अर्चना गुप्ता

Author
Dr Archana Gupta
Co-Founder and President, Sahityapedia.com जन्मतिथि- 15 जून शिक्षा- एम एस सी (भौतिक शास्त्र), एम एड (गोल्ड मेडलिस्ट), पी एचडी संप्रति- प्रकाशित कृतियाँ- साझा संकलन गीतिकालोक, अधूरा मुक्तक(काव्य संकलन), विहग प्रीति के (साझा मुक्तक संग्रह), काव्योदय (ग़ज़ल संग्रह)प्रथम एवं द्वितीय प्रमुख... Read more
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