May 27, 2019 · मुक्तक
Reading time: 1 minute

मैंने दारू चढ़ाई मज़ा आ गया

मैंने दारू चढ़ाई मज़ा आ गया
~~~~~~~~~~~~~~~~~~
मैंने दारू चढ़ाई मज़ा आ गया
गाँव से की लड़ाई मज़ा आ गया
एक दाना नहीं घर में खाने को था
लात बीवी से खाई मज़ा आ गया

– आकाश महेशपुरी

260 Views
Copy link to share
आकाश महेशपुरी
248 Posts · 53.6k Views
Follow 45 Followers
संक्षिप्त परिचय : नाम- आकाश महेशपुरी (कवि, लेखक) मूल नाम- वकील कुशवाहा जन्मतिथि- 15 अगस्त... View full profile
You may also like: