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” ———————————————मैंने कहा दुआ आई ” !!

भगवती प्रसाद व्यास

भगवती प्रसाद व्यास " नीरद "

गज़ल/गीतिका

January 19, 2017

माँ के पोपले, मुंह से यों हवा आई /
लोग हँसते रहे,मैंने कहा दुआ आई //

कच्ची दीवारें थी ,अब इमारत है खड़ी /
माँ की मेहनत , क्या अजब रंग लाई //

धोंकनी ,धुआं ,थी माथे पे सिलवटें /
माँ जवानी में ही ,बुढ़ापा उठा लाई //

मुश्किलें थीं , तंग राहें , छोर न था /
माँ के होंसले थे , हमने मंजिल पाई //

मैला आँचल , माँ की गोद का असर था /
करवट बदल कर ज़िन्दगी, खुशियाँ लाई //

Author
भगवती प्रसाद व्यास
एम काम एल एल बी! आकाशवाणी इंदौर से कविताओं एवं कहानियों का प्रसारण ! सरिता , मुक्ता , कादम्बिनी पत्रिकाओं में रचनाओं का प्रकाशन ! भारत के प्रतिभाशाली रचनाकार , प्रेम काव्य सागर , काव्य अमृत साझा काव्य संग्रहों में... Read more
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