Skip to content

मे मजबूर किसान हूँ

कृष्णकांत गुर्जर

कृष्णकांत गुर्जर

कविता

May 13, 2017

खेती करता बोझा ढ़ोता,
मे मजबूर किसान हूँ
लजारी मे जीने बाला,
मे मजदूर किसान हूँ

अन्न उगाकर देने वाला,
मे ही इक इंसान हूँ
भारत माँकी आन हूँ यारो
भारत माँ की शान हूँ

घर घर मे सबके चेहरे पर
देता मे मुस्कान हूँ
खुशी खुशी से अन्न उगाता
मे सोने की खान हूँ

नेता अफसर के जुल्मो को
सहने वाला किसान हूँ
मंहगाई से लड़ करके भी
करता मे अभिमान हूँ

मत मारो मुझको तुम यारो
मे ही सबकी जान हूँ
इक किरण वनके आगन मे
करता मे उन्वान हूँ

कृष्णा करता यारो मेरे
मे मजबूर किसान हूँ
लाचारी मे जीने वाला
मे मजदूर किसान हूँ

Share this:
Author
कृष्णकांत गुर्जर
संप्रति - शिक्षक संचालक G.v.n.school dungriya G.v.n.school Detpone मुकाम-धनोरा487661 तह़- गाडरवारा जिला-नरसिहपुर (म.प्र.) मो.7805060303
Recommended for you