मेहनत ही भाग्य विधाता है / कविता

कुछ कर दिखाने को ठानो तो सही,
यहाँ मेहनत ही भाग्य विधाता है !

बेमतलब परेशान क्यों होता है,
बीज बोता है वही फल पाता है !

मुश्किल वक्त में साहस जो दिखाता है,
वो ही इंसा सागर पार होता है !

वो जीत लेगा सारा जहा एकदिन,
हर ग़म सह के जो भी रे हँसता है !

पंछी बन चुम ले ऊँची आसमां को,
सच कर सपने लिख जा ना ईबारत !

न कर घंमड़ यहाँ किसी चीज़ पर रे,
कब दे जाए धोखा क्या किस्मत !

दुष्यंत कुमार पटेल”चित्रांश”

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