.
Skip to content

मेरे साजन तू जल्दी आ

दुष्यंत कुमार पटेल

दुष्यंत कुमार पटेल "चित्रांश"

कविता

July 4, 2016

तू कहाँ है पास आ,
उजड़ी दुनिया को मेरे बसा.
इस तड़पती हुई ज़िन्दगी को,
तू न दे और सजा.

सुन दिल की आवाज़,
कही भी है लौट आ …….
मेरी ज़िन्दगी सकून तू है,
भला कैसे भुलु तुझे बता.

मुझे याद आती है हरपल,
तेरे साथ बिताये हर लम्हा.
ज़िन्दगी रुकी सी है,
मेरे साजन तू जल्दी आ.

ज़ी रही हूँ मर-मर के.
आके मिल,कर इतनी मेहरबाँ,
तेरे प्यार के बाँवरी हूँ
तेरे यादो में हूँ ज़िंदा..

हम बन गये है रेगिस्तान,
वो सावन बावरा तू आ.
तेरे प्यार के बारिश में,
मेरे तन-मन को भीगा.

तेरे वफ़ा में हूँ रमा,
तू न दे और सजा.
पुकार रही है राधा तेरी,
मेरे साजन तू जल्दी आ …

कोई गुनाह की है तो,
बेशक देना जरूर मुझे सजा.
कम से कम इसी बहाने तो,
मुझे तेरे कभी पास बुला.

Author
दुष्यंत कुमार पटेल
नाम- दुष्यंत कुमार पटेल उपनाम- चित्रांश शिक्षा-बी.सी.ए. ,पी.जी.डी.सी.ए. एम.ए हिंदी साहित्य, आई.एम.एस.आई.डी-सी .एच.एन.ए Pursuing - बी.ए. , एम.सी.ए. लेखन - कविता,गीत,ग़ज़ल,हाइकु, मुक्तक आदि My personal blog visit This link hindisahityalok.blogspot.com
Recommended Posts
तू मेरे मन मधुबन बन जा
मेरे प्रियतम तू मेरे मन मधुबन बन जा भीगती रहूँ मैं तू ऐसा सावन बन जा आ बसा लू तुझे अपनी साँसो में मेरे दिल... Read more
आ वापस इस शहर को
ढूंढ़ता रहता हूँ तुझे ख्यालो में तेरे इक झलक पाने को यार जाने के बाद तेरे दोस्त बनाया हूँ मयखाने को सपने तेरे सजाने के... Read more
अर्चना मेरी है तू
21-06-2016 सांसों में बसी है तू ज़िन्दगी बनी है तू तुझसे कैसे हूँ जुदा दिल की आशिकी है तू चाहें सब कहे गलत मैं कहूँ... Read more
मुक्तक :-- माँ सपनों में आ जाती है !!
मुक्तक :-- माँ सपनों में आ जाती है !! व्याकुलता तेरे चिंतन की जब मुझको तड़पाती है ! पल में उदास हो जाता हूँ मैं... Read more