मेरे श्याम

मुझे साथ अपने ले चल,
मेरे श्याम…. साँवरे…..
रहता है तू जहाँ पर
मेरे श्याम….. साँवरे…..

वो डारियाँ कदंब की, तेरा साथ मेरे होना;
मेरे सामने रहे ये, तेरा रूप सलोना।
मुझे साथ रखना हर पल,
मेरे श्याम……. साँवरे…..

मैंने ढूँढी ब्रज की गलियाँ, नहीं श्याम तू है पाया,
तेरी मोहिनी सूरत को, मैंने दिल में है बसाया।
मुझे थाम ले तू आकर,
मेरे श्याम….. साँवरे……

रज ब्रज की धेनुओं की, मैंने माथ अपने रख ली,
नवनीत की धवल डलियाँ, मैंने साथ अपने रख ली।
अब कर दे तृप्त आकर,
मेरे श्याम…. साँवरे…..

हर गोपियन से पूछूँ, तेरे घर की मैं डगरिया,
ले साथ अपने आया, दधि-माखन की गगरिया।
मुझे थाम ले हूँ बेकल,
मेरे श्याम….. साँवरे…….
सोनू हंस

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