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** मेरे महबूब की आँखों में **

भूरचन्द जयपाल

भूरचन्द जयपाल

गीत

January 23, 2017

****???***
मेरी महोब्बत को ना परखो ऐ नाजनीनो-2
लग ना जाए इसको अब तुम्हारी ये नज़र ।।
***???*******
मेरे महबूब की आँखों में
उतर आया है प्यार मेरा
अब ललचाई आँखे से
ना देखो-2 प्यार मेरा
लग ना जाये तीरे-निशां
कुछ तो सोचो समझो
मासूम है दिलदार मेरा
भरी महफ़िल में
लाचार है दिलदार मेरा
दुनियां वालों कुछ तो
कर लो एतबार मेरा
मत चीरो नज़र से तुम
मासूम है प्यार मेरा
कत्ल करना है तो
कर दो मुझको, नही
गुनहगार है यार मेरा
मेरे महबूब की आंखों में
उतर आया है प्यार मेरा ।।
?मधुप बैरागी

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Author
भूरचन्द जयपाल
मैं भूरचन्द जयपाल 13.7.2017 स्वैच्छिक सेवानिवृत - प्रधानाचार्य राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कानासर जिला -बीकानेर (राजस्थान) अपने उपनाम - मधुप बैरागी के नाम से विभिन्न विधाओं में स्वरुचि अनुसार लेखन करता हूं, जैसे - गीत,कविता ,ग़ज़ल,मुक्तक ,भजन,आलेख,स्वच्छन्द या छंदमुक्त रचना... Read more

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