Jun 9, 2020 · कविता
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{{ मेरे मरने की दुआ करता है }}

दिल के हर टुकड़े को मैंने संभाल के रखा है
हर टुकड़े में तेरी तस्वीर को लगा रखा है,,

दर्द बहुत है मगर थोड़ा ही लिखते है हम
लब्जो को दर्द समेटने में लगा रखा है,,

शिकवे करते भी उनसे तो किस ज़ुबा से करते
उन्होंने बेरुखी का किस्सा जो सुना रखा है,,

कभी घबरा के लिपटना चाहू तेरे दामन से तो हट जाती हूँ
तूने दामन में इतने शक के कांटे जो बिछा रखा है,,

वफ़ा की राह में गमो का सहारा और अश्कों दरिया पार किया
फिर भी यार मेरा, मेरी चाहत को रफा दफा कर रखा है,,

हम तो मिट गए मोहब्बत की आजमाईश में
मातम क्या मनाते उसने तो मुझे पागल कर रखा है,,

सुना है रोज़ वो मेरे मरने की दुआ करता है
मैय्यत उठाने की देरी है, इंतज़ाम उसने पूरा कर रखा है,,

दिल में लगी हर आग, बुझ भी जाती तेरे शबनम से
सितम तो ये है मेरे वास्ते, तूने दरिया सूखा रखा है,,

मेरी दांस्ता का वो यकीं करता भी तो करता कैसे
कानो को उसने अपने हाँथो से जो दबा रखा है,,

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vasu
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