मेरे पिता मेरा भगवान

मेंरे पापा मेरे आका, मेरे भगवान भी तुम हो।
तुम्ही से आन मेरी है, मेरी पहचान भी तुम हो ।।
तुम्ही से चल रही साँसे मेरे परिवार की पापा।
तुम्हीं से घर की रौनक है, मेरे अरमान भी तुम हो।।

जलाए ख़्वाब खुद अपने, मेरे सपने सजाने में।
लगा दी उम्र सब अपनी, मुझे ख़ुशियाँ दिलाने में।।
अरे खुद को लुटा डाला मगर उफ़ तक नहीं बोले।
रखा ख़ुदको सदा भूखा, मुझे भोजन खिलाने में।।

सदा सच पर चले हो तुम न समझौता किया तुमने।
हर एक अच्छे बुरे पल को किया स्वीकार है तुमने।।
झुके हो ना झुकाया है गले सबको लगाया है।
परायों को भी अपना कर किया उपकार है तुमने।।

पूज्य पिताजी के 72 वे जन्मोत्सव 24 अप्रेल 2018 पर उनके श्री चरणों में सादर समर्पित!

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