दोहे · Reading time: 1 minute

मेरे पापा

वो आंसू तो नहीं बहाते लेकिन मेरे हर दु:ख पर मन ही मन रो देते हैं,
वो मेरे पापा हैं जो मेरे सपने संजोने के लिए अपने सपनों को खो देते हैं।

© बदनाम बनारसी

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अपने माता पिता के अरमानों की छवि हूँ मैं, अँधेरों को चीर कर आगे बढ़ने वाला रवि हूँ मैं, बदनाम बनारसी नाम है मेरा, कवि हूँ मैं। Hi, My name…
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