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मेरे जीने का तू ही तो सहारा है

जब जहां सोता सारा है
नदां दिल ने तुझे पुकारा है

चादं तारों के छाव में
आवारा दिल हुआ बेचारा है

बीमार दिल का तू ही सहारा
समुंद्र का तू ही एक किनारा है

लबों ने मेरे तेरा नाम पुकारा है
मेरे जीने का तू ही तो सहारा है

बंद आँखों ने अक्स तेरा सवारां है
खुली आँखों ने तुझे ही निहारा है

दिल की धड़कन ने तुझे ही पुकारा है
अब तेरा नाम ही तो जीने का सहारा है

दिल में मेरे तेरा ही आशियाना है
बिन तेरे दिल मेरा बेगाना बेचारा है

रतजगा हूँ कई रातों से
तेरी यादों में कई रातों को गुज़ारा है

ख़्वाबों से भी ओझल हो गये हो तुम
ख़्वाबों ने मेरे तुझे ही पुकारा है

खलिश में जी रहा है भूपेंद्र
खलिश में तेरी उल्फत का ही तो सहारा है

भूपेंद्र रावत
20/08/2017

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Bhupendra Rawat
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M.a, B.ed शौकीन- लिखना, पढ़ना हर्फ़ों से खेलने की आदत हो गयी है पन्नो को... View full profile
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