मेरे जवान जवाँ दोस्त रत्नादीप श्रीवास्त्व से नोंक झोक

मेरे जवान दोस्त की य़ादो के झरोखों में , मेरे बिते हुये दिनो कि य़ादें …..🌹🌹🌹🌹

पुरानी किताब के पन्नों के बीच गुलाब क्या दिखा . 🌹
दिल गुलकंद हो गया !!
और महोल बागबां हो गया 💓

दिल की धड़कन तेज हो गई
साँसं में ठनढ़क अा गई
सांस लेता हूँ , तो सिरहन होती. है
निकालता. हूँ , तो कुल्फी ज़म जाती. है |☺

पुरानी किताब ……..

गुज़रे हैं. हम भी , इसी राह से
कभी हमने भी कुछ, कि थी गुजारिश
दिन डलते गये , सांसे फुलती रही
कुल्फी ज़मती. रही , गुलशन सुखते रहे पर य़ादें , किसी को , किसी की
याद में देख , य़ादे ताजी. हो जाती. है

पुरानी किताब …….😍😍

क्या आप अपनी पुस्तक प्रकाशित करवाना चाहते हैं?

साहित्यपीडिया पब्लिशिंग द्वारा अपनी पुस्तक प्रकाशित करवायें सिर्फ ₹ 11,800/- रुपये में, जिसमें शामिल है-

  • 50 लेखक प्रतियाँ
  • बेहतरीन कवर डिज़ाइन
  • उच्च गुणवत्ता की प्रिंटिंग
  • Amazon, Flipkart पर पुस्तक की पूरे भारत में असीमित उपलब्धता
  • कम मूल्य पर लेखक प्रतियाँ मंगवाने की lifetime सुविधा
  • रॉयल्टी का मासिक भुगतान

अधिक जानकारी के लिए इस लिंक पर क्लिक करें- https://publish.sahityapedia.com/pricing

या हमें इस नंबर पर काल या Whatsapp करें- 9618066119

Like Comment 0
Views 14

You must be logged in to post comments.

Login Create Account

Loading comments
Copy link to share