मेरे जवान जवाँ दोस्त रत्नादीप श्रीवास्त्व से नोंक झोक

मेरे जवान दोस्त की य़ादो के झरोखों में , मेरे बिते हुये दिनो कि य़ादें …..🌹🌹🌹🌹

पुरानी किताब के पन्नों के बीच गुलाब क्या दिखा . 🌹
दिल गुलकंद हो गया !!
और महोल बागबां हो गया 💓

दिल की धड़कन तेज हो गई
साँसं में ठनढ़क अा गई
सांस लेता हूँ , तो सिरहन होती. है
निकालता. हूँ , तो कुल्फी ज़म जाती. है |☺

पुरानी किताब ……..

गुज़रे हैं. हम भी , इसी राह से
कभी हमने भी कुछ, कि थी गुजारिश
दिन डलते गये , सांसे फुलती रही
कुल्फी ज़मती. रही , गुलशन सुखते रहे पर य़ादें , किसी को , किसी की
याद में देख , य़ादे ताजी. हो जाती. है

पुरानी किताब …….😍😍

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