मेरे घर का पता……….(डी. के. निवातियाँ)

न पूछो यारो तुम मुझ से मेरे घर का पता,
अभी तो मै खुद ही के घर से अनजान हूँ !
कहने को तो ये सारा जहान मेरा अपना है,
खुद इस जिस्म में चंद सांसो का मेहमान हूँ ।I

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डी. के. निवातियाँ_______!

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