कविता · Reading time: 1 minute

मेरे गीत

मेरे गीत

मेरे गीत तुम्हारे पास
स्वर मांगने आयेंगे ।
कंठ पर तुम्हारे ये गीत
खेलेंगे और लहरायेंगे।

माना मेरे गीतों में
सुर है ना ताल है,
तभी तो मेरे गीतों का
हाल हुआ बेहाल है

मगर अब ये गीत मेरे
फि र से मुस्कुरायेगें।
मेरे गीत तुम्हारे पास
स्वर मांगने आयेंगे ।

गीतों में मेरे कुछ नही
ना शब्द है, ना स्वर कोई
ऐसे गीतों को कंठ पर
उतार लो तुम यदि

मेरे गीत फिर से ये
सबके होंठों पर आयेंगे ।
मेरे गीत तुम्हारे पास
स्वर मांगने आयेंगे ।

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