गज़ल/गीतिका · Reading time: 1 minute

मेरे खुदा/मंदीप

मेरे खुदा/मंदीप

बिन मांगे सब कुछ दे देता मेरे खुदा,
बिन सुनाये सुन लेता मेरी तकलीफ मेरे खुदा।

करते आप को जो कुछ भी,
नाम मेरा हो जाता मेरे खुदा

मान करूँ सम्मान करूँ सब का,
गमंड किसी बात का ना हो मेरे खुदा।

सच्चाई रहे सब के दिलो में हमेसा,
जूठ का साथ कोई साथ ना दे मेरे खुदा।

हारे ना कोई अपनी मंजिल से कभी,
जितने की शक्ति सब को दे मेरे खुदा।

राम जैसी सोच हो सब के दिल में,
रावण जैसी सोच कभी ना जन्मे मेरे खुदा।

मंदीपसाई

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नाम-मंदीप कुमार जन्म-10/2/1993 रूचि-लिखने और पढ़ाने में रूचि है। sirmandeepkumarsingh@gmail.com Twitter-@sirmandeepkuma2 हर बार अच्छा लिखने की कोशिस करता हूँ। और रही बात हम तो अपना दर्द लिखते है।मेरा समदिल मेरे…
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