.
Skip to content

**मेरी विनती है तुझसे मेरे राम **

अजीत कुमार तलवार

अजीत कुमार तलवार "करूणाकर"

कविता

February 6, 2017

मैंने रात काटी …तेरे इंतज़ार में कि तू नजर आये
सुना है तेरा दीदार करने को कुछ खोना पड़ता है
सारी रात तेरी याद में कटती चली गए मेरे राम
थक के चूर हो गया, इंतज़ार था कब सुबह आये !!

सोता देखा जहान मैने की सब बेखबर से सो रहे हैं
अपनी सुध बुध में न जाने क्या क्या वो खो रहे हैं
पल भर में नजर अगर तेरी बिगड़ गयी मेरे राम
यह दुआ कर रहा था कि कोई विपदा यहाँ पे न आये !!

मासूम मासूम से वो नन्हे से जीव जिस ने जन्म लिया अभी
वो नन्ही नन्ही सी चिडिया जिस ने घरोंदा बनाया अभी अभी
दुःख दर्द से सह कर घर की नईया को पार लगा रहे सब यहाँ
मेरी विनती है तुझ से की, की कभी यहाँ कोई कहर न आये !!

न जाने कितने सपने, कितने अरमान पाल रहा है हर कोई
तू ही तो जग का पालनहार, तेरे सिवा न हमारा है कोई
पहुंचा देना सब को सब की मंजिल पर मेरे भोले राम
“अजीत” ने भी नींद गवा दी.बस तेरा रहम ही अब नजर आये !!

कवि अजीत कुमार तलवार
मेरठ

Author
अजीत कुमार तलवार
शिक्षा : एम्.ए (राजनीति शास्त्र), दवा कंपनी में एकाउंट्स मेनेजर, पूर्वज : अमृतसर से है, और वर्तमान में मेरठ से हूँ, कविता, शायरी, गायन, चित्रकारी की रूचि है , EMAIL : talwarajit3@gmail.com, talwarajeet19620302@gmail.com. Whatsapp and Contact Number ::: 7599235906
Recommended Posts
शरण में आया तेरी राम जी
शरण में आया तेरी राम जी संग मेरे घूमते थे, संग मेरे खाते करते थे, मुझसे वे बड़ी बड़ी बातें दुर्दिन में मेरे वो ,आये... Read more
नजर नजर मे कही प्यार हो न जाये
नजर नजर मे कही प्यार हो जाये| तू पास आजा सवम एेसे क्यो सताये|| तेरी सूरत तेरे दिल मे क्या खुमार है| तेरी आँखो मे... Read more
ग़ज़ल (मेरे मालिक मेरे मौला )
ग़ज़ल (मेरे मालिक मेरे मौला ) मेरे मालिक मेरे मौला ये क्या दुनिया बनाई है किसी के पास खाने को मगर बह खा नहीं पाये... Read more
हम तेरी जुस्तजू
हम तेरी जुस्तजू में शिवाले हो आये है। तेरी ख़ातिर नाजने कितनो को छोड़ आये है। अब मेरी रूह तुझमें ही बस्ती हैं हम कुछ... Read more