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मेरी लाडली निश्चित घर संसार बसाना तू

मेरी लाडली निश्चित ही घर संसार बसाना तू।
सबसे पहले केवल अपने ही सपन सजाना तू।
नहीं कहूंगी तुमसे कि सबको खुश तुम रखना।
जिसमें खुश तू रहे हमेशा काम वही तुम करना।
तुम ही हो खुशियों की चाबी,तुम से ही द्वार खुलेगा।
तेरी मधुर मुस्कान प्यार सारा घर महकेगा।
इसीलिए सबसे पहले खुद की मुस्कान सजाना तू।
सबसे …
माना कि अपनों के सपने भी हो कुछ शामिल।
किन्तु सबमें तेरी हो दिल की खुशी भी शामिल।
अपनों की अभिव्यक्ति हो ,पर पहले खुद भी हो शामिल।
अविरल भावों की धारा , स्वच्छंद बहे सब में शामिल।
सबके भावों को सुनकर कभी निज भावों को न दबाना तू।
सबसे…
माना प्यार समर्पण एक बेटी का गहना है।
किंतु सबसे पहले निज अंतर्मन को सुनना है।
दासी नहीं है ,संगिनी है तू।
शोषण नहीं ,समर्पण होगा।
एक मां का स्वाभिमान है बेटी, मर्यादा , सम्मान है बेटी।
भले ही प्यार से भावुक होकर, एक एक को सहलाना तू।
आए अगर तेरी बारी तो गोदी में सो जाना तू।
सबसे.…
घर संसार तुम्हारा है वह प्यार से उसको सींचना।
सबका आदर करना लेकिन, अपना ध्यान ज़रूरी है।
तेरी एक पहचान अलग है, वह पहचान जरूरी है।
सूदूर सफर जाने से पहले कुछ विश्राम ज़रूरी है।
रेखा मंजिल जान इसे, केवल ना रुक जाना तू।
सबसे पहले केवल अपने ही सपन सजाना तू।

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