May 14, 2017 · गीत
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“मेरी माँ”

मेरी ज़िन्दगी मेरी माँ..
मेरी हर खुशी मेरी माँ..,
जो बचपन मे मुझको
है चलना सिखाया,
जो हालातो से मुझको
लड़ना सिखाया,,
जो बनकर दुआ,
साथ रहती मे.रे,,,,
जो ग़म को भी सारे,
उठा लेती मेरे,
गिनाना भी चाहू,
गीना भी न पाऊँ,
तेरे कर्मो को मैं,
भुला भी न पाऊँ,,,
कुछ ऐसी है प्यारी सी माँ….,
मेरे ज़िन्दगी मेरी माँ….
मेरी हर खुशी मेरी माँ!!!

(((( ज़ैद बलियावी))))

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ज़ैद बलियावी
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तुम्हारी यादो की एक डायरी लिखी है मैंने...! जिसके हर पन्ने पर शायरी लिखी है... View full profile
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