मेरी बेटी मेरी सहेली

मेरे हर सुख दुःख की हमजोली है, —मेरी बेटी
मेरी सबसे अच्छी सहेली है, —मेरी बेटी

अपनी मीठी बातों से बहलाती है, —मेरी बेटी

मेरे उदास चेहरे पर खुशी लाती है, – मेरी बेटी

आँसू बहे तो, अपने हाथों से पोछती है – मेरी बेटी
मेरे सारे दर्द भूलाती है—मेरी बेटी

कोई भी जख्म हो, मलहम लगाती है – मेरी बेटी

नन्हे – नन्हे हाथों से सहलाती है— मेरी बेटी

मेरी बिमारी में छुप-छुप के आँसू बहाती है- मेरी बेटी

कभी मन्नते, कभी दुआ बन जाती है – मेरी बेटी

मेरे हर रोग की दवा बन जाती है— मेरी बेटी

अपने सारे किस्सा सुनाती है —मेरी बेटी

कभी रूठती, कभी मनाती है —मेरी बेटी

मंदिर जाऊँ तो पूजा की थाल सजाती है – मेरी बेटी

कभी उत्सव, कभी त्योहार बन जाती है – मेरी बेटी

जब – तब मेरी तस्वीर निकालती है —मेरी बेटी

अपनी अनोखी अदा से लुभाती है —मेरी बेटी

अगर नजर ना आऊँ, तो घर भर में ढूंढती है – मेरी बेटी

अपनी मुस्कान से मन हर्षाती है- मेरी बेटी

मेरे घर को स्वर्ग बनाती है —मेरी बेटी

मेरी शक्ति , मेरी ताकत है —मेरी बेटी

दुनिया में सबसे प्यारी, निराली है —मेरी बेटी

घर में खुशी के दीप जलाती है – मेरी बेटी

दुनिया वाले की तुझे नजर ना लगे – मेरी बेटी

तू हमेशा मुस्कुराते, खिलखिलाती रहे —मेरी बेटी

तुझ पर कभी कोई संकट ना आये – मेरी बेटी

सारी खुशियाँ तेरे कदम चूमे —मेरी बेटी

तू सदा फूलों सी महकती रहे —मेरी बेटी

तू सदा चिड़ियों सी चहकती रहे —मेरी बेटी

तेरे सारे सपने पूरे हो – मेरी बेटी

तू सदा खुश रहे —मेरी बेटी

?लक्ष्मी सिंह ?

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