23.7k Members 50k Posts

मेरी कविता

मेरे नये अंदाज़ हैं,
अब अंदाज़ों में रहने दों,
बढ़ रही दिल में खुशियों कि उमंग,
अभी उमंगों में ही रहने दों,
मौका मिला अभी मुझे हैं,
उस मौके के काबिल तो बनने दों,
अल्फ़ाज़ बिखरें हैं,
बिखरते चला जाऊँगा,
थोड़ी मेरे दिल कि भी तो मुझे सुनने दों!!

1 Like · 2 Views
Hardik Mahajan
Hardik Mahajan
Khargone Madhya Pradesh
35 Posts · 399 Views
Writer
You may also like: