मुक्तक · Reading time: 1 minute

मेरी कविता…. ।। अमीरी और गरीबी ।।

अमीरी
और
गरीबी
समाज के दो पहलू
तस्वीर के दो रंग
श्वेत
और
श्याम ।
एक ओर
ऐश्वर्य तो
दूसरी ओर
अभाव –
मगर
दोनों ही पीड़ित
एक को अजीर्ण है
और
दूसरे को एनेमिया ।
नदी के दो किनारों की तरह
एक होकर भी
अलग अलग हैं
अपना अपना अस्तित्व लिए ।
(ईश्वर जैन, उदयपुर)

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