मेरा हिमाचल

हिमालय की गोद में है बसा
कैलाश की छाया में है बसा
हिमाचल तो यहां के हर एक
बाशिंदे के दिल में है बसा ।।

प्रकृति मेहरबान है इस पर इस कदर
बर्फ से लदी रहती है चोटियां यहां हर वक्त
बहती है बारह महीने नदियां यहां हमेशा
थोड़ा मुश्किल है पहुंचना यहां परन्तु
स्वर्ग का अनुभव होता है यहां हमेशा ।।

अपनी खूबसूरती के लिए है जाना जाता
सांस्कृतिक धरोहर भी है समृद्ध इसकी
गांव गांव में बसते है देवता यहां पर
तभी देव भूमि है ये कहलाता ।।

इस प्रदेश की शान है मेले और त्यौहार
कुल्लू का दशहरा हो या मिंजर मेला
मंडी की शिवरात्रि हो या रामपुर की लवी
हिमाचल में तो गांव गांव में लगता है मेला ।।

भोले भाले होते है लोग यहां के,
मेहनतकश इन्सान यहां के
ठंड से भी नहीं झिझकते लोग यहां के,
बर्फ में भी नहीं है रुकते लोग यहां के
लाल लाल है सेब यहां पर,
जड़ी बूटियों के लगते बाज़ार यहां पर ।।

प्रगति के पथ पर बढ़ रहा है निरंतर
सड़कों का भी है अब जाल बिछा
बड़े बड़े बांधों से बिजली बनाकर
सारे राष्ट्र को कर रहा है जगमग
हो रहा है शिखर की ओर अग्रसर ।।

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मैं एक कविता का विद्यार्थी हूं । सामान्य भाषा, जो आम लोगों को समझ आए,...
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