Skip to content

मेरा सनम मुझको आज हंसाने आया था

बबीता अग्रवाल #कँवल

बबीता अग्रवाल #कँवल

गज़ल/गीतिका

November 15, 2016

मेरा सनम मुझको आज हंसाने आया था
जिसने मुझको ही बहुत कल रुलाया था

जहाँ में मेरा भी यारों अब नाम हो गया है
फ़कत किसी की मुहब्बत ने यह कराया था

कमजोर नहीं दिवारें हैं मेरे घर की जान लो
बड़ी ही जतन से मैने घर ये बनाया था

माँ की दुआ से ही यार आबाद रहा हरदम
छू ना सका मुझे कोई बुरा जो साया था

उझर गया है आशियाँ किसी की बेवफ़ाई से
कँवल ने प्यार से बड़े ही जिसे सजाया था

Share this:
Author
बबीता अग्रवाल #कँवल
जन्मस्थान - सिक्किम फिलहाल - सिलीगुड़ी ( पश्चिम बंगाल ) दैनिक पत्रिका, और सांझा काव्य पत्रिका में रचनायें छपती रहती हैं। (तालीम तो हासिल नहीं है पर जो भी लिखती हूँ, दिल से लिखती हूँ)

क्या आप अपनी पुस्तक प्रकाशित करवाना चाहते हैं?

आज ही अपनी पुस्तक प्रकाशित करवायें और आपकी पुस्तक उपलब्ध होगी पूरे विश्व में Amazon, Flipkart जैसी सभी बड़ी वेबसाइट्स पर

साथ ही आपकी पुस्तक ई-बुक फॉर्मेट में Amazon Kindle एवं Google Play Store पर भी उपलब्ध होगी

साहित्यपीडिया की वेबसाइट पर आपकी पुस्तक का प्रमोशन और साथ ही 70% रॉयल्टी भी

सीमित समय के लिए ब्रोंज एवं सिल्वर पब्लिशिंग प्लान्स पर 20% डिस्काउंट (यह ऑफर सिर्फ 31 जनवरी, 2018 तक)

अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें- Click Here

या हमें इस नंबर पर कॉल या WhatsApp करें- 9618066119

Recommended for you