Jul 30, 2017 · कविता

मेरा प्यारा असम

चारो ओर है हरियाली छाई
जहाँ पहाड़ों से निर्झर बहती
तरह तरह के जाति-जनजाति
भिन्न-भिन्न धर्म और संस्कृति
फिर भी अटूट एकता यंहा की ,
धन्य हुआ यंहा जन्म लेकर
गर्व होता असमीया कहकर
सच में प्यारा है मेरा प्रदेश
असम जो देता प्रेम संदेश
है भारत के पूर्वोत्तर में
तिरंगे की लाड-प्यार में
रोज पलता बढ़ता तिल तिल
मेरा प्यारा असम प्रदेश
जैसे लगता छोटा सा
एक भारत देश ।

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मैं एक अहिंदी भाषी हिंदी नवलेखक के रूप मे साहित्य साधना की कोशिश कर रहा...
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