कविता · Reading time: 1 minute

मेरा प्यारा अतीत

मेरा अतीत ( कविता)
मेरे अतीत ! मेरे प्यारे सुनहरे अतीत !
बोलो ! मैं तुम्हें कैसे भूल जाऊं ? कैसे ?
जब जब वर्तमान मेरे कंठ से हलाहल उतारे ,
जब जब मेरी राहों में वह कांटे बिछाए ,
जब जब आजादी को मेरे अरमानों के पंख फड़फड़ाए ,
जब जब इस घुटन से मेरे श्वास अवरुद्ध हो जाए ,
मुझे तुम्हारी याद हमेशा आती रहेगी मरते दम तक !
मैं तुमसे मुक्त हो जाऊं भला कैसे ? प्रिय!!
जब तक तुम सुनहरा भविष्य बनकर ,
मुझे बंधन मुक्त नहीं कर देते मेरे दुखों से । तब तक !
हां ! तब तक मुझे तुम्हारी याद हमेशा आएगी ।
मैं तुम्हें कैसे भूल जाऊं ? कैसे ?

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Author
नाम -- सौ .ओनिका सेतिआ "अनु' आयु -- ४७ वर्ष , शिक्षा -- स्नातकोत्तर। विधा -- ग़ज़ल, कविता , लेख , शेर ,मुक्तक, लघु-कथा , कहानी इत्यादि . संप्रति- फेसबुक…
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