मेरा चमन......

जालिम बहुत है वो हर घर, गली , मुहल्ले में छुपे बैठे है

उनसे अपना चेहरा छुपाये रखना, नजरे बचाये रखना,

कही कर न जाए दागदार पाक दामन को, पाकर मौका

बेशकीमती है मेरा चमन, इसकी आबो हवा बनाये रखना

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डी. के. निवातियां

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नाम: डी. के. निवातिया पिता का नाम : श्री जयप्रकाश जन्म स्थान : मेरठ ,...
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