Skip to content

मेरा क्या कसूर

डॉ सुलक्षणा अहलावत

डॉ सुलक्षणा अहलावत

गज़ल/गीतिका

September 26, 2016

मैं आपसे पूछना चाहती हूँ मेरा कसूर क्या है।
आपकी दुनिया का ये अजीब दस्तूर क्या है।

आप नहीं पसंद करते हो मुझे तो जन्म क्यों देते हो?
जिंदगी भर का दर्द मुझे देकर खुद भी क्यों लेते हो?

बेटों के बराबर नहीं मानते तो पढ़ाते क्यों हो?
बेटों की तरह ही मुझसे नौकरी करवाते क्यों हो?

अपने घर मेरे जन्म लेने से आपको अपार दुःख होता है।
पर दुसरे घर से बहु बनाकर लाने में क्यों सुख होता है?

मुझे तो कम पढ़ा लिखा कर आप दुसरे के घर भेज देते हो।
पर दुसरे की नौकरी लगी हुई ही बेटी का रिश्ता क्यों लेते हो?

सच में दोगलेपन और ओछेपन की भी एक हद होती है।
जब करते हो बेटा बेटी में फर्क तो ये धरती भी रोती है।

आज आपको अपनी सोच बदलने की सख्त जरुरत है।
माँ, बेटी, बहन, पत्नी से ही ये दुनिया इतनी खुबसूरत है।

माँ, बहन, पत्नी मेरे ही रूप हैं फिर मुझसे इतनी नफरत करते क्यों हो।
“”सुलक्षणा”” माँ, बहन, पत्नी चाहिए पर बेटी से इतना डरते क्यों हो?

Share this:
Author
डॉ सुलक्षणा अहलावत
लिख सकूँ कुछ ऐसा जो दिल को छू जाये, मेरे हर शब्द से मोहब्बत की खुशबु आये। शिक्षा विभाग हरियाणा सरकार में अंग्रेजी प्रवक्ता के पद पर कार्यरत हूँ। हरियाणवी लोक गायक श्री रणबीर सिंह बड़वासनी मेरे गुरु हैं। माँ... Read more

क्या आप अपनी पुस्तक प्रकाशित करवाना चाहते हैं?

साहित्यपीडिया पब्लिशिंग से अपनी पुस्तक प्रकाशित करवायें और आपकी पुस्तक उपलब्ध होगी पूरे विश्व में Amazon, Flipkart जैसी सभी बड़ी वेबसाइट्स पर

साहित्यपीडिया की वेबसाइट पर आपकी पुस्तक का प्रमोशन और साथ ही 70% रॉयल्टी भी

साल का अंतिम बम्पर ऑफर- 31 दिसम्बर , 2017 से पहले अपनी पुस्तक का आर्डर बुक करें और पायें पूरे 8,000 रूपए का डिस्काउंट सिल्वर प्लान पर

जल्दी करें, यह ऑफर इस अवधि में प्राप्त हुए पहले 10 ऑर्डर्स के लिए ही है| आप अभी आर्डर बुक करके अपनी पांडुलिपि बाद में भी भेज सकते हैं|

हमारी आधुनिक तकनीक की मदद से आप अपने मोबाइल से ही आसानी से अपनी पांडुलिपि हमें भेज सकते हैं| कोई लैपटॉप या कंप्यूटर खोलने की ज़रूरत ही नहीं|

अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें- Click Here

या हमें इस नंबर पर कॉल या WhatsApp करें- 9618066119

Recommended for you