.
Skip to content

मेरा इश्क़…

seervi prakash panwar

seervi prakash panwar

शेर

October 22, 2017

कोई ख़ामोश हैं मेरी चौखट पर मग़र..आना जाना काफ़ी हैं!
कोई घूर रहा हैं नम आँखों से मगर..बात गहरी काफ़ी हैं!
आख़िर जी कर भी मरना तो आसां नही ..फिर भी जी रहा हूँ!
मै झूम रहा था उसकी आहट में मग़र…वो परेशान काफ़ी हैं!!
–सीरवी प्रकाश पंवार

Author
seervi prakash panwar
नाम - सीरवी प्रकाश पंवार पिता - श्री बाबूलाल सीरवी माता - श्री मती सुन्दरी देवी जन्म - 5 जुलाई 1997 पता - अटबड़ा, तह-सोजत सिटी, जिला- पाली राजस्थान शिक्षा - इंजीनियरिंग(वर्तमान) रुचि- लेखक(writer) संपर्क - 9982661925 Facebook-www.fb.com/seerviprakashpanwar Blog-www.seerviprakashpanwar.blogspot. com... Read more
Recommended Posts
अहसास काफी नहीं
बस तेरे होने का अहसास काफी नहीं मुझको छू लेने को क्षण खास काफी नहीं हद से मैं जाकर कुछ कर के गुजर जाऊँ केवल... Read more
आदाब अर्ज़ है
दरिया ए अश्क़ काफी हैं बहने के लिए - दास्तां ए इश्क काफी हैं कहने के लिए । यूं भी हर बात किसी से कही... Read more
जी का काव्य में प्रयोग
तुम आवाज दे बुलाते सूनो जी मैं जबाब देती जी कहती बोलो जी कितना प्रिय लगता जी कहना हाँ जी में जी मिलाना फिर एक... Read more
जी” का काव्य में प्रयोग
‘ तुम आवाज दे बुलाते सूनो जी मैं जबाब देती जी कहती बोलो जी कितना प्रिय लगता जी कहना हाँ जी में जी मिलाना फिर... Read more