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[[ मुहब्बत के फ़क़त हमने , कई महताब देखे है ]]

Komal Gupta

Komal Gupta

मुक्तक

November 21, 2016

⚛?

मुहब्बत के फ़क़त हमने , कई महताब देखे है
कहे कुछ अनकहे से , मैंने भी जज़्बात देखे है

किसी ने भी नही समझा कभी हमको फ़क़त इतना
कँवल कोमल सी आँखों ने बहुत से ख़्वाब देखे है

कोमल गुप्ता “रौनक”

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Author
Komal Gupta
कोमल गुप्ता " रौनक़ " बेनीमाधवगंज जिला - रायबरेली कवितायेँ /मुक्तक/ग़ज़ल लेखन

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