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कवि /मुस्कुराहट लिख दे, निद्रित प्राण पर

बृजेश कुमार नायक

बृजेश कुमार नायक

मुक्तक

February 20, 2017

कवि वही जो चलता सत् किरपान पर |
प्रेम वन छा जाए द्वंदी बाण पर |
जागरण दे राष्ट्र को ‘नायक बृजेश ‘|
मुस्कुराहट लिख दे, निद्रित प्राण पर |

बृजेश कुमार नायक
“जागा हिंदुस्तान चाहिए” एवं “क्रौंच सुऋषि आलोक” कृतियों के प्रणेता|

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बृजेश कुमार नायक
एम ए हिंदी, साहित्यरतन, पालीटेक्निक डिप्लोमा जन्मतिथि-08-05-1961 प्रकाशित कृतियाँ-"जागा हिंदुस्तान चाहिए" एवं "क्रौंच सुऋषि आलोक" साक्षात्कार,युद्धरतआमआदमी सहित देश की कई प्रतिष्ठित पत्र- पत्रिकाओ मे रचनाएं प्रकाशित अनेक सम्मानों एवं उपाधियों से अलंकृत आकाशवाणी से काव्यपाठ प्रसारित, जन्म स्थान-कैथेरी,जालौन निवास-सुभाष नगर,... Read more

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