मुक्तक · Reading time: 1 minute

मुस्कुराने से

????
मुस्कुराने से उम्र मेरी बढ़ती है ,
दुःख-दर्द और बीमारियां घटती है।

जिंदगी पल-पल ढलती है ,
रेत की तरह मुठ्ठी से फिसलती है।

ना जाने जिन्दगी का
कौन सा पल आखिरी है,

फिर क्यों न मुस्कुराते रहो,
जिंदगी तो एक बार ही मिलती है।
????- लक्ष्मी सिंह??

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