Aug 2, 2016 · कविता
Reading time: 1 minute

मुस्कुराते है चंद चेहरे….

दुःख के तपिश में
फिर भी मुस्कुराते है चंद चेहरे
अपने दम पर,
बादशाह से कम नहीं इनकी हस्ती,
हर पल है इनकी मस्ती
जीना इसी का नाम है
खिलखिलाती सुबह
मस्त शाम है,
दुःख के तपिश में
फिर भी मुस्कुराते है चंद चेहरे
अपने दम पर….

^^^^दिनेश शर्मा^^^^

55 Views
Dinesh Sharma
Dinesh Sharma
44 Posts · 3.9k Views
Follow 2 Followers
सब रस लेखनी*** जब मन चाहा कुछ लिख देते है, रह जाती है कमियाँ नजरअंदाज... View full profile
You may also like: