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*"मुस्कान"*

मुस्कान को अधरों पे सजाया है इस कदर की उदासी भी कहने लगी !
चाहत हमारी भी कर लो थोड़ी हमें तेरी मुस्कान से जलन होने लगी !!
जब महसूस किया उदासी को तो दिल भर आया आँखे रोने लगी !
मुस्कान निकली सच्ची दोस्त आँसू के साये में भी अधरों पे छाने लगी !!

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Neelam Ghanghas Ji
Neelam Ghanghas Ji
चंडीगढ़ हरियाणा
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