Jun 16, 2017 · कविता
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मुस्कान

मुस्कुराहट

तेरे होठों पर खिलती जो,मेरे चेहरे की वो रौनक है।
मुस्कुराहट-मुस्कान तेरी, कभी है शहद, कभी नमक है।

सुन,
दिव्य आभा और नूर सहेजे है तेरी मुस्कान।
हृदय मेरे का सुरूर सहेजे है तेरी मुस्कान।
स्वर्णिम प्रभा और सिंदुरी शाम है तेरी मुस्कान।
मेरे जीने की चाहत का जाम है तेरी मुस्कान।
नव दुल्हन की प्रीत सा पैगाम है तेरी मुस्कान।
मेरे अगणित प्रयासों का परिणाम है तेरी मुस्कान।

कभी नूतन जीवन की आशा है तेरी मुस्कान।
असीम अपार प्रेम की परिभाषा है तेरी मुस्कान।
कभी कभी मेरी दुविधा में,सखी सी है तेरी मुस्कान।
कभी उलझी अनसुलझी पहेली है तेरी मुस्कान।
कभी खुले आसमान में इंद्रधनुषी रंग है तेरी मुस्कान।
कभी उल्लसित उमंगों का अनूठा रंग है तेरी मुस्कान।

देखो, उन्मुक्त गगन में स्वच्छंद है तेरी मुस्कान।
असीम खुशियों से भरा चमन है तेरी मुस्कान।
सुकून है मेरे दिल का है तेरी मधुर मुस्कान।
मुझमें जगाती नित आत्मविश्वास है तेरी मुस्कान।

नीलम शर्मा

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Neelam Sharma
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